सरकारी खरीद व योजनाओं में मिलेगी सटीकता
लखनऊ,संवाददाता : जिले में रबी फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत कर दी गई है। कृषि विभाग को 3.93 लाख गाटों का सर्वे करने का लक्ष्य मिला है। इस सर्वे के आधार पर फसल क्षेत्रफल, उत्पादन की सही जानकारी प्राप्त होगी, जिससे सरकारी खरीद, फसल बीमा और भविष्य की कृषि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे 5 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक पूरा किया जाना है। इसके तहत कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों पर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से फसल की फोटो, लोकेशन, किसान का विवरण एवं भूमि से संबंधित संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस किसान ने कौन-सी फसल बोई है, फसल का क्षेत्रफल कितना है और जिले में कौन-सी फसलें अधिक प्रचलन में हैं।
सर्वे से फसल और उपज की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिसके आधार पर सरकारी खरीद की रूपरेखा तैयार की जाएगी। साथ ही, किसी आपदा की स्थिति में सटीक आकलन के आधार पर क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। लक्ष्य निर्धारण, फसल बीमा योजना में पारदर्शिता तथा फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में भी यह सर्वे सहायक सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, भविष्य की फसल योजनाओं के साथ-साथ खाद और बीज की उपलब्धता भी इसी डाटा के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
उप निदेशक कृषि विनय कुमार कौशल ने बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा कर लिया जाएगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए कृषि विभाग के कर्मियों के साथ पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों को लगाया गया है। सभी को मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे करने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सर्वे कार्य के लिए प्रति गाटा पांच रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है। इससे पूर्व इन्हीं कर्मियों द्वारा खरीफ फसलों का सर्वे किया गया था, जिसका भुगतान कृषि विभाग द्वारा किया जा चुका है।
























