कथा के चतुर्थ दिवस कन्हैया की बाल लीलाओं व होली महोत्सव ने संगत को किया भाव-विभोर

अमेठी,संवाददाता : जनपद अमेठी के ग्राम भरेथा, हथकिला चौराहे के निकट, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में संस्थापक एवं संचालक दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से आयोजित सप्त दिवसीय (7 से 13 जनवरी 2026) श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ भक्ति, ज्ञान और उल्लास का अनुपम संगम बना हुआ है।

कथा के चतुर्थ दिवस में दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या, कथा व्यास भागवत भास्कर साध्वी सुश्री पद्महस्ता भारती जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सजीव एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कन्हैया ने ग्वाल-बालों और गोपियों को अपनी मधुर लीलाओं से रिझाया। कथा स्थल पर उपस्थित संगत भाव-विभोर होकर झूम उठी।

इस अवसर पर होली महोत्सव का भी भव्य आयोजन किया गया। भक्तिरस में सराबोर संगत ने भजन-कीर्तन के साथ नृत्य करते हुए आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। साध्वी जी ने होली के गूढ़ अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा—
“होली का वास्तविक अर्थ है— आत्मा का परमात्मा की हो जाना।”
उन्होंने समझाया कि जब तक आत्मा को परमात्मा का दर्शन नहीं होगा, तब तक परमात्मा से सच्चा संबंध संभव नहीं। इसी क्रम में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे और स्वामी विवेकानंद जी के विचारों का उल्लेख करते हुए ईश्वर-दर्शन की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। उपनिषदों के उदाहरण द्वारा यह बताया गया कि बिना ज्ञान-चक्षु (दिव्य दृष्टि) के ईश्वर का दर्शन संभव नहीं है।

साध्वी पद्महस्ता भारती जी ने कहा कि दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से साधकों को दिव्य दृष्टि प्रदान कर, उनके अंतःकरण में ही ईश्वर का साक्षात्कार कराया जाता है। महाराज जी का कथन है कि ईश्वर का दर्शन दुर्लभ नहीं, बल्कि ऐसे पूर्ण गुरु का मिलना दुर्लभ है जो क्षणभर में यह अनुभूति करा दे। यही होली का वास्तविक रहस्य है।

कथा का शुभारंभ व्यास पूजन से हुआ तथा समापन प्रभु की पावन आरती के साथ किया गया।
इस अवसर पर प्रयागराज ब्रांच से स्वामी विश्वनाथानन्द जी, स्वामी शिवशरणानन्द जी एवं साध्वी राधा माता जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कथा के प्रमुख यजमान एवं विशिष्ट अतिथि रहे—
कमलाकांत मिश्रा (विहिप, अमेठी),
पवन जी (जिला प्रचारक, अमेठी),
भृगु मिश्रा, श्री विवेक मिश्रा (बालीपुर),
राजमनी मिश्रा (DDC, बालीपुर),
सर्वेश कुमार सिंह (ग्राम प्रधान, अमटाही),
इंद्र बहादुर सिंह (ग्राम प्रधान, घोरहा),
सुनील तिवारी (अमटाही),
सुधांशु शुक्ला (भाजपा अध्यक्ष, अमेठी),
महेंद्र प्रताप सिंह चौहान (एडवोकेट, लखनऊ),
अनिल कुमार सिंह, शुभम सिंह (लखनऊ),
राकेश अग्रवाल, श्याम नारायण ओझा (समाजसेवी),
राम ताड़क शुक्ला एवं मदन गुप्ता (अमेठी)। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और वातावरण “राधे-कृष्ण” के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।























