69वें जन्मदिन पर बृजभूषण शरण सिंह का शक्ति प्रदर्शन
गोंडा,संवाददाता : पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने 8 जनवरी 2026 को अपना 69वां जन्मदिन बेहद भव्य आयोजन के साथ मनाया। गोंडा जिले के नवाबगंज स्थित नंदिनी निकेतन में आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्रकथा महोत्सव का समापन उनके जन्मदिन पर हुआ। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दिया, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में बृजभूषण सिंह की मजबूत पकड़ और प्रभाव को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
आठ दिवसीय राष्ट्रकथा महोत्सव का भव्य आयोजन
1 जनवरी से 8 जनवरी तक चले राष्ट्रकथा महोत्सव की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, बगलामुखी पूजन और यज्ञ के साथ हुई। मुख्य यजमान बृजभूषण शरण सिंह ने इस आयोजन को राष्ट्र निर्माण, सनातन संस्कृति और युवा उत्थान से जोड़ते हुए इसे सामाजिक चेतना का माध्यम बताया।
महोत्सव का संचालन सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज के सानिध्य में हुआ। कथा के दौरान रामकथा, राष्ट्रभक्ति और सनातन मूल्यों पर गहन विचार रखे गए। पूरे आयोजन में केवल साधु-संतों को मंच पर स्थान दिया गया, जैसा कि पहले ही घोषणा की गई थी।
भावुक क्षण: जब नम हुईं बृजभूषण की आंखें
कथा के दौरान एक भावनात्मक क्षण तब आया, जब सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा,
“मैं उनका पिता हूं, मेरा प्रभाव था, है और रहेगा।”
इस कथन को सुनकर बृजभूषण शरण सिंह भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। यह क्षण आयोजन की आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है।
42 महंत, लाखों श्रद्धालु और विशाल भंडारा
महोत्सव का उद्घाटन 42 महंतों द्वारा किया गया। आठ दिनों तक चले आयोजन में हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन शामिल हुए। भंडारे में लगभग 5 लाख लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया, जबकि 1200 से अधिक लोग भोजन व्यवस्था में लगे रहे। यह आयोजन क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जा रहा है।
गोंडा में उमड़ा राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा
राष्ट्रकथा महोत्सव में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से भी अहम बना दिया।
- जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया
- कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह और गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने MLC बृजेश सिंह के पैर छुए
- प्रतापगढ़ के MLC गोपाल भैया भी मौजूद रहे
- लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने एक सत्र में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे
- भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की
- इसके अलावा कई मंत्री, विधायक और प्रभावशाली नेता आयोजन में शामिल हुए।
जन्मदिन पर दिखा खुला शक्ति प्रदर्शन
8 जनवरी को बृजभूषण शरण सिंह का जन्मदिन पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। वे खुली जीप में सवार होकर करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ नंदिनी निकेतन पहुंचे।
- रास्ते में जेसीबी से फूलों की बारिश
- ‘दबदबा’ जैसे गानों की गूंज
- हजारों समर्थकों की भीड़
रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके काफिले में 4 लैंड रोवर सहित 100 से अधिक वाहन शामिल थे, जिसे उनकी संगठन क्षमता और जनाधार का प्रतीक माना जा रहा है।
महंगे तोहफे भी बने चर्चा का विषय
जन्मदिन पर मिले उपहारों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
- एक खिलाड़ी ने ढाई करोड़ रुपये का लंदन नस्ल का घोड़ा भेंट किया
- समर्थकों ने सोने की चेन पहनाकर सम्मान किया
धर्म, राजनीति और शक्ति का संदेश
राष्ट्रकथा महोत्सव के जरिए बृजभूषण शरण सिंह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया, जबकि जन्मदिन समारोह ने उनकी क्षेत्रीय राजनीतिक ताकत को खुलकर प्रदर्शित किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बृजभूषण सिंह न केवल अतीत के बाहुबली नेता रहे हैं, बल्कि आज भी पूर्वांचल की राजनीति में उनकी पकड़ उतनी ही मजबूत नजर आती है।
























