एक आदर्श शिक्षक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता थे धम्म सेवक
अमेठी, संवाददाता : गुरुवार को कमासिन में सामाजिक चिंतक, लेखक एवं बौद्ध धम्म प्रचारक स्वर्गीय चुन्नी लाल धम्म सेवक की 79वीं जयंती शिक्षा दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध धम्म के अनुरूप त्रिसरण, पंचशील एवं पूजा-वंदना से हुई, जिसके पश्चात बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर बामसेफ के जिला संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने धम्म सेवक के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन एक श्रेष्ठ शिक्षक, प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता और संवेदनशील लेखक के रूप में समाज को समर्पित रहा। उन्होंने बामसेफ, भारतीय अनुसूचित जाति संघ एवं अम्बेडकर कल्याण समिति जैसे संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 1974 में अमेठी में आयोजित पहली अम्बेडकर जयंती के आयोजन में धम्म सेवक का विशेष योगदान रहा। वर्ष 2009 में उच्च प्राथमिक विद्यालय सांगापुर से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना पूरा समय बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार, साहित्य अध्ययन एवं लेखन को समर्पित कर दिया।

06 मई 2016 को उनका निधन हो गया, किंतु उनका साहित्य आज भी समाज को दिशा दे रहा है। उनकी चर्चित पुस्तक “सुखी परिवार – सुखी संसार” तथा “बौद्ध गीत माला” विशेष रूप से लोकप्रिय रही है, जिसे महिलाएं आज भी बड़े उत्साह से गाती हैं। कार्यक्रम में कैलाश कुमारी, किसमता भारती, धम्म सेवक, राजेन्द्र प्रियदर्शन, अभिषेक, अंशुमान, संतराम, राम किशोर, मोहित कश्यप, गुड्डू सहित अनेक लोगों ने धम्म सेवक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इसके अतिरिक्त सामाजिक चिंतक डॉ. सुनील दत्त, वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति के अध्यक्ष संजय कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम चन्द्र सरस, महामंत्री रामचंद्र, कोषाध्यक्ष त्रिभुवन दत्त, मंत्री ललित कुमार, श्याम लाल गौतम, अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. उदयराज, कोषाध्यक्ष राजेश अकेला, एससी/एसटी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र बौद्ध, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष कपिलेश यादव, मंत्री देवांशु सिंह, कोषाध्यक्ष इन्द्र पाल गौतम, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री अरुण सिंह, एडवोकेट वासुदेव मौर्य, प्रमोद कुमार, कुल रोशन, बृजेश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का समापन धम्म सेवक के विचारों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ किया गया।
























